पुस्तक समीक्षा (अकादमिक) कैसे लिखें? (Book Review)

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एक पुस्तक समीक्षा में पुस्तक के मुख्य विचारों का सारांश तथा मुल्यांकन होता है। इसका उद्देश्य पाठकों को पुस्तक के विषय-वस्तु की उचित जानकारी देना है, ताकि वे यह तय कर सकें कि उन्हें अपना समय पूरी पुस्तक पढ़ने में देना है या नहीं। यह केवल एक रिपोर्ट नहीं होता, इसमें पुस्तक की विशेषताओं तथा कमियों की चर्चा होती है। मुख्यतः पुस्तक समीक्षा दो प्रकार के होते हैं : १) व्याख्यात्मक; २) आलोचनात्मक।

१) व्याख्यात्मक समीक्षा (Descriptive Book Review): इसमें प्रायः पुस्तक या लेखक के उद्देश्य का विवेचन किया जाता है। यह विवेचन पुस्तक के वाक्यों को उद्धृत करते हुए किया जाता है। २) आलोचनात्मक समीक्षा (Critical Book Review): एक आलोचनात्मक समीक्षा में सिर्फ पुस्तक के उद्देश्य की व्याख्या ही नहीं, बल्कि उसका मूल्याङ्कन भी किया जाता है। यह इसके गुण तथा दोष दोनों को ही बताता है।

अकादमिक पुस्तक समीक्षा आलोचनात्मक होते हैं। इसमें पुस्तक के विषय-वस्तु का न केवल विवेचन बल्कि उसका मूल्यांकन तथा आलोचनात्मक समीक्षा की जाती है। एक अच्छे आलोचनात्मक समीक्षा के लिए निम्न बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए :

पुस्तक कैसे पढ़े? (How to read the text?):

जिस पुस्तक की हमें समीक्षा करनी है, उसे पढ़ते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, जैसे लेखक किन विषयों में रुचि (area of interest) रखता है ? इस पुस्तक का उद्देश्य क्या है? पुस्तक के मुख्य विषय (themes/issues) क्या है? पुस्तक में लेखक ने मुख्य रूप से क्या तर्क (arguments) दिए हैं? इसमें कौन सी शोध- प्रणाली (research method) का प्रयोग किया है ? इस तरह पुस्तक से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एकत्रित कर लेनी चाहिए।

  • पुस्तक ध्यान से पढें (पहली बार किताब पढ़ते समय कुछ नोट करें। दुबारा पढ़ते समय नोट्स लें)
  • महत्वपूर्ण बिन्दुओं को नोट कर लें
  • विषय-वस्तु के साथ जुड़ने (engage) की कोशिश करें

लिखने की तैयारी कैसे करें ? (How to Prepare for Writing?):

सबसे पहले अपने नोट्स को इस प्रकार व्यवस्थित करने की कोशिश करें कि विचारों का एक प्रवाह दिखाई दे सके। इससे एक रूप-रेखा तैयार करने की कोशिश करें, जो आपको शुरुआत में लिखने में मदद करेगी। आप लेखक के किन तर्कों की आलोचना करना चाहते हैं, और क्यूँ, आदि नोट कर लें।

  • पैराग्राफ में किताब का शीर्षक, लेखक, उद्देश्य तथा महत्व बता कर परिचय देना चाहिए
  • किताब की संरचना जैसे यह कितने अध्यायों में लिखी है, इन अध्यायों के विषय क्या है, इत्यादि बताना चाहिए
  • विषय की प्रासंगिकता तथा महत्व को बताते हुए, लेखक के तर्कों का मूल्यांकन प्रस्तुत करना चाहिए
  • लेखक किस सीमा तक अपने उद्देश्यों को पूरा कर पाया है, इसका वर्णन करना चाहिए
  • एक बार लिखने के बाद, उसे दुबारा पढ़ कर उचित परिवर्तन करना चाहिए
  • व्याकरण से जुड़ी अशुद्धियों को दूर करना चाहिए

शब्द-सीमा (Word limit):

एक पुस्तक समीक्षा 500 से 3000 शब्दों में लिखा जा सकता है।

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