क्या बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी का उलंघन किया?

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हाल ही में योगगुरू बाबा रामदेव ने एक बहुत ही विवादित बयान दिया। उन्होने एलोपथी को मूर्ख विज्ञान कहा और एलोपथी दवाओं को करोना महामारी के रोकथाम में अनुपयोगी बताया। इस बयान को हम यदि हम कुछ संदर्भों में देखें तो हमेंं बाबा रामदेव मोदी सरकार की नीतियों का उलंघन करते नज़र आतें हैं। भारत अभी कोरोना महामारी के दूसरे लहर से गुज़र रहा है। स्वास्थ सम्बन्धी सुविधाओं जैसे हॉस्पिटल में बिस्तर की व्यवस्था से लेकर, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, दवाइयों, तथा स्वास्थ कर्मचारियों की संख्या तक में काफ़ी कमी पाया गया, जिसके वजह से अभीतक लाखों लोगों की जाने जा चुकी हैं। वैक्सीन लगाने के मामले में अभी भी लोगों के मन में झिझक है। सरकार लोगों को वैक्सीन लेने की अपील भी कर रही है। ऐसे में, एलोपथी को मूर्ख विज्ञान कहकर क्या रामदेव लोगों के मन में वैक्सीन के प्रति भ्रम नहीं पैदा कर रहे ?

Image source: thequint.com

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कई भाषणों में कहा है कि हमें अपने डॉक्टरों और नर्सों का सम्मान करना है तथा उनके सुझाव का पालन करना है। उन्होंने स्वास्थ कर्मियों को “फ्रंट लाइन वॉरियर” कहा, जो स्वयं आगे रह कर हमारी सुरक्षा कर रहे हैं। तो क्या हमारे देश के प्रधानमंत्री एक मूर्ख विज्ञान का समर्थन इस भयावह महामारी समय में कर रहे हैं?

यह भी ध्यान देने योग्य है कि इन्ही स्वास्थ कर्मियों के उत्साहवर्धन में प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल दिया जलाने की भी अपील भी की थी। साथ ही उनके सम्मान में उनपर फूलों की वर्षा भी की गयी। लेकिन जिस तरह बाबा रामदेव न केवल मेडिकल साइंस का मज़ाक उड़ाते नज़र आये, यह नहीं लगता कि वह मोदी सरकार के हिदायतों का पालन कर रहे हैं।रामदेव का ऐसा बयान देना बहुत ही गैरज़िम्मेदाराना नही है? अगर एलोपथी इस महामारी में उपयोगी नही है तो मोदी सरकार वैक्सीन को लेकर अपनी पीठ थपथपाते क्यों नज़र आ रही थी?

Image source: India Post

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